संदेश

न मैं चुप हूँ न गाता हूँ -Atal Behari Vajpayee

मैं मूर्ख... -देवसुत

वर्षा आई -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

भोजन से मुस्कान -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

मुर्गा बोला -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

देश हमारा -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

चींटी -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

आओ मिलकर दीप जलाएँ -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए -शैलेन्द्र

तुझे सूरज कहूं या चंदा -प्रेम धवन

तुझे सूरज कहूं या चंदा -प्रेम धवन

तुझे सूरज कहूं या चंदा -प्रेम धवन

गौरैय्या -त्रिलोक सिंह ठकुरेला

एक बरस बीत गया -Atal Behari Vajpayee

कल कल करते करते -Atal Behari Vajpayee

अपने ही मन से कुछ बोलें -Atal Behari Vajpayee

जीवन की ढलने लगी सांझ -Atal Behari Vajpayee

श्री ईशावास्योपनिषद्श्री (Shri Ishavasyopanishad) -Nirupma Mehrotra

लालटेन -हरेकृष्ण आचार्य

अँधेरी रात में दीपक जलाये कौन बैठा है? -Harivansh Rai Bachchan